नानी हो नानी...!
जब जब डुबकी लगाई हम गंगा के पानी अईसन लागे जईसे हिया में साटेली नानी अईसन लागे जईसे हिया में साटेली नानी * कईसे भुलाई नानी, ऊ परी के कहानी * शिवाला के शिव जी कब्बो तोहरे से मानीं याद करके भर भर जाला २ अँखिया में पानी माथवा पर लागे हाथवा फेरsतारी नानी २ अईसन लागे जईसे हिया में साटेली नानी * हमरा के कहसss नानी अँखिया हो अँखिया * तोहरे गोदिया बईठ के करीं तोहरे से बतिया लोरवा से लिख लिख भेजीं २ पहुँचे ना पतिया के हमके कही अब, नतिया रे नतिया २ अईसन लागे जईसे हिया में साटेली नानी * चंदा पर बईठल नानी, देखेलीं जहान हो * माई के माई लेकिन हई हमार जान हो देवी माई बन के नानी २ बनावs इंसान हो प्रान के रक्षा सीखे, मानव महान हो २ अईसन लागे जईसे हिया में साटेली नानी द्वारा रचित ✍️ रजनीश कुमार मिश्र All Copy rights reserved